भीलवाड़ा में इकोब्रिक्स की कार्यशाला संपन्न, साथ में मजबूती की जांच

प्रांत – चित्तौड़, सफलता की कहानी का दिन 19/45

कुछ साल पहले तक हमने पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के माध्यम से एक सपना देखा था कि घर घर तक हम इकोब्रिक्स को पहुंचाएं। हालांकि अखिल भारतीय स्तर पर ये काम करना अपने आप में किसी चुनौती से कम नहीं। लेकिन आज हमें ये बताते हुए बेहद गर्व हो रहा है के हमने कुछ हिस्सों तक इसे पहुंचा ही दिया है।
हाल ही में भीलवाड़ा, राजस्थान के एक समाज सेवी संस्थान माहेश्वरी महिला संस्थान द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमे इको ब्रिक्स और उसके महत्व से लोगों को अवगत करवाया गया। एक अनूठी पहल के तहत विद्यालयों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को इसका हिस्सा बनाया गया और उन्हें इको ब्रिक्स की महत्वत्ता समझाई गई।

बच्चे हमारा भविष्य हैं और ये हमारी जिम्मेदारी है के हम अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए हरदम तत्पर हो। इस संस्थान ने बच्चों से इको ब्रिक्स बनवाए और साथ ही उसकी मजबूती की भी जांच की।

हमने देखा है एक इकोब्रिक्स किस तरह से इस्तेमाल की जा सकती है बड़े बड़े पार्कों से लेकर घर के एक छोटे टेबल तक। इको ब्रिक्स हर जगह उपयोगी है। इसी बात का ध्यान रखते हुए छोटी छोटी गतिविधियों से इस कार्यशाला में बच्चों को कई चीज़ें बनाना सिखाया गया। जैसे की इकोब्रिक्स की टेबल, इकोब्रिक्स का स्टैंड और भी बहुत कुछ।
बच्चों ने खेल खेल में बहुत बड़ी समस्या का निवारण किया, उन्होंने ये वचन भी लिया के वो इको ब्रिक्स के महत्व को औरों तक भी पहुंचाएंगे।
हमें अपने सपने पर थोड़ा और विश्वास हो गया है, उम्मीद है हम एक दिन प्लास्टिक मुक्त, पर्यावरण युक्त भारत का निर्माण जरूर करेंगे।

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