प्रकृति का अपनापन या जीवन अस्तित्व….

जी बिल्कुल, पर्यावरण के हालातों की चर्चा के साथ पूछेंगे अपनी जिम्मेदारी से अहम फर्ज़  के सवाल …
कि निभा रहें है या नहीं ? 
 
     प्राण यानी कि प्रकृति के अस्तित्व से जन्मा “जीवन” जो धरती की गोद में अपने अस्तित्व को बड़ा करता है, जिसे वह सब कुछ मिलता है, जो उसकी जरूरत होती है फिर वो जीवन किसी भी रूप में क्यों न हो, अगर माने पौधो में तो उसे वह पोषण मिलता है जिससे वह वृक्ष के रूप में निर्भर “जीवन” यानी कि जीव – जंतु और मनुष्य को दे पाए।
     प्रकृति के गर्भ में वह सब कुछ मिलता है जो सृष्टि की आवश्यकता है, और प्रकृति हमें दोहन करने से मना नही करती, लेकिन ये भी नहीं कहती कि उसका दुरुपयोग हो, जिससे मानवीय मूल्यों की उपेक्षा नही बल्कि अपेक्षा हो और न ही सृष्टि की निरंतर गति में कोई बाधा उत्पन्न हो, जीवन में पर्यावरण उपयोगी है तो उसका संरक्षण हमारी एक जिम्मेदारी है।
    हमारी संस्कृति में एक सूत्र के रूप में बहुत अच्छे से मिलता है कि-
                      सङ्गतं खलु शाश्वतम्।
                          वारि-वायु-व्योम
                          वह्नि-ज्या-गतम्।
अर्थात् “प्रकृति और मनुष्य के बीच का संबंध शाश्वत है।”
    जीवन अगर जीना है तो परस्पर हम उपयोगी बने, मनुष्य अगर प्रकृति का दोहन करता है तो पर्यावरण को शुद्ध बनाए रखने के लिए उसका पूर्णतः स्वरूप फिर से बने वो प्रतिबद्धता सिर्फ मनुष्य की है,
    क्योंकि प्रकृति अपना विकास सदैव ही करती है और मनुष्य हमेशा उसका उपयोग व दोहन करता है।
 हमें सोचने की आवश्यकता है कि प्रकृति शुद्ध है, हमें शोध उतना ही करना है जो ज्ञान बन सके, जिससे हम प्रकृति को वापस करने का प्रयास कर पाए।
    ना कि ये भूल जाए जो शोधन-संयंत्र से हम कुछ अगर अविष्कार करके दे रहे है, तो हम उसके अधिकारी है।
  हमारी वैदिक संस्कृति कहती है कि –
         प्रकृतिः पंचभूतानि ग्रहलोकस्वरास्तथा
       दिशः कालश्च सर्वेषां सदा कुर्वंतु मंगलम्‌।
यानी कि – “पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश एवं ग्रह – मंगल, बुध, शुक्र आदि और संगीत के सातों सुर, दसों दिशाएं और भूत, वर्तमान और भविष्य समस्त कालों में सदैव कल्याणकारी हों।”
    प्रकृति से मानव का रिश्ता बड़ा अनोखा है साहब,  कभी उसको अपनापन के एहसास से जीने की कोशिश करके देखो… उसको अपना हिस्सा मानो… उसका ख्याल एक नन्हें बच्चे के कोमल रूप के जैसा देखो… आपको अपना अस्तित्व ही नजर ही दिखाई देगा….
    क्योंकि प्रकृति तब भी थी, जब आप नहीं थे, वो तब भी अपना पोषण, अपना ख्याल रखती थी, जब आप उसका उपभोग कर लेते थे और है, वो अपनी रिक्तता को भरती थी और है.. साहब, उसके लिए जिसमे प्राण है यानी आपके लिए।
    प्रकृति हम पर निर्भर नहीं बल्कि इस धरती पर जो जीवन का बीज बोआ जाएगा प्रकृति अपने गर्भ से उसका पालन पोषण करेगी ही।
    अगर आज हम विश्व के पटल पर हम अपने देश की बात करते है तो हमें हमेशा याद रहे कि भारत एक ऐसा राष्ट्र है जो अजन्मा है और इस धरती पर जन्म लेना हमारा सौभाग्य है,
क्योंकि हमारे ऋषि – मनीषी बल्कि हमारे पूर्वज जो  हमारे लिए सजोकर चले गए और हमें विरासत में देकर गए कि – हम भी इस पर ही निर्भर थे, जो तुम भी हो और आने वाली पीढ़ी भी।
    सही मायने में सौभाग्यशाली ही है, जहां प्रकृति हमारा पालन पोषण करती है, तो वहीं भारतीय संस्कृति व वेद- वेदांत उत्तरदायित्व के रूप में कहता है कि –
           “माता भूमि: पुत्रो अहं पृथिव्या:”
     इसलिए भूमि पुत्र के नाते अपने दायित्व का बोध कराता है कि प्रकृति का उपयोग और संरक्षण के प्रति नैतिक कर्तव्य है, जो मानवीय सरोकार के अस्तित्व को जन्म देता है, ना कि पाश्चात्य संस्कृति जो प्राकृतिक संसाधनों पर आधिपत्य जमाना, उपभोग करना और दोहन करने वाली सोच और जिसका परिणाम प्रकृति तय करती है और परिणाम होता है प्राकृतिक आपदाओं से होने वाला “विनाश” ।
       दोस्तों अगर हम अपने वर्तमान को एक नन्हें पौधे को जीवन देने का, जल का संरक्षण करने का एवं पर्यावरण को शुद्ध रखने की जिम्मेदारी आज निभा लेंगे तो हम आने वाली पीढ़ी के जीने की चिंता से मुक्त हो जायेंगे जो भविष्य के गर्भ में है।
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Radhika
11 days ago

The earth has a delicate eco-system. It’s balance depends on an interlinked cycle of various activities. The environment comprises of living and non living things. Life depends upon non living habitat that is the air,Water and soil etc. Various types of animals and plants including human-beings,aquatic Life,Micro organisms are interdepent on each other. The green plants are the producers. The animals as consumers survive on them.

ASRA PARVEEN
11 days ago

Jivan ke liye Achcha kam karna hai sehat ke liye acchi Jindagi Jija hai

Omti kumari
Omti kumari
11 days ago

My name is omti

Omti kumari
Omti kumari
11 days ago

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K Hema Tejas
11 days ago

we should always protect the environment and must never take things for granted especiallly the ones given to us by our mother earth

K Hema Tejas
11 days ago

mmmmmmmmmmm

K Hema Tejas
11 days ago

hence jai bharath

pramila bhagat
pramila bhagat
4 days ago

Hum natur se he bni h or khud ki suraskha krni h to natur ki krni hogi….nat[r h to hum h jai bhart

Vanshika Singh
Vanshika Singh
11 days ago

1) पर्यावरण वह परिवेश है जहां हम रहते हैं, जीवित रहते हैं और फलते-फूलते हैं। 2) सभी सजीवों के अस्तित्व के लिए स्वच्छ वायु व वातावरण परम आवश्यक है। 3) स्वच्छ पर्यावरण सभी जीवित प्रजातियों के विकास और पोषण में मदद करता है। 4) पर्यावरण हमारे जीवन की सभी मूलभूत चीजें प्राप्त करने में सहायता करता है।

Vanshika Singh
Vanshika Singh
11 days ago

1. पर्यावरण का अर्थ है सभी प्राकृतिक वातावरण जैसे की भूमि, वायु, जल, पौधे, पशु हो। सामग्री कचरा, धूप, जंगल, हरियाली, खेत, खलिहान और अन्य सभी प्राकृतिक वस्तु को प्राकृतिक वातावरण कहा जाता है।

Pehal
10 days ago

Paryavaran

tannu
tannu
10 days ago

satifikit

Manthan Ritesh Channe
10 days ago

1) पर्यावरण वह परिवेश है जहां हम रहते हैं, जीवित रहते हैं और फलते-फूलते हैं। 2) सभी सजीवों के अस्तित्व के लिए स्वच्छ वायु व वातावरण परम आवश्यक है। 3) स्वच्छ पर्यावरण सभी जीवित प्रजातियों के विकास और पोषण में मदद करता है। 4) पर्यावरण हमारे जीवन की सभी मूलभूत चीजें प्राप्त करने में सहायता करता है।

Hrithik Singh
10 days ago

Stay safe stay home

Dr Deepali Dixit
Dr Deepali Dixit
10 days ago

लाली है, हरियाली है,
रूप बहारो वाली यह प्रकृति,
मुझको जग से प्यारी है।

हरे-भरे वन उपवन,
बहती झील, नदिया,
मन को करती है मन मोहित।

प्रकृति फल, फूल, जल, हवा,
सब कुछ न्योछावर करती,
ऐसे जैसे मां हो हमारी।

Kashish Yadav
Kashish Yadav
10 days ago

Save your resources like diamond because environment will safe than you will . our environment will safe your next generation

Khushi Priya.A
Khushi Priya.A
10 days ago

Jai Bharat

Khushi Priya.A
Khushi Priya.A
10 days ago

Jai Bharat Jai Jai bharat

Aiyana Sharma
Aiyana Sharma
10 days ago

We should protect our mother earth.

Rimpal kaur
10 days ago

1. पर्यावरण का अर्थ है सभी प्राकृतिक वातावरण जैसे की भूमि, वायु, जल, पौधे, पशु हो। सामग्री कचरा, धूप, जंगल, हरियाली, खेत, खलिहान और अन्य सभी प्राकृतिक वस्तु को प्राकृतिक वातावरण कहा जाता है।

पर्यावरण वह परिवेश है जहां हम रहते हैं, जीवित रहते हैं और फलते-फूलते हैं। 2) सभी सजीवों के अस्तित्व के लिए स्वच्छ वायु व वातावरण परम आवश्यक है। 3) स्वच्छ पर्यावरण सभी जीवित प्रजातियों के विकास और पोषण में मदद करता है। 4) पर्यावरण हमारे जीवन की सभी मूलभूत चीजें प्राप्त करने में सहायता करता है।

Mehakdeep kaur
Mehakdeep kaur
10 days ago

पर्यावरण वह परिवेश है जहां हम रहते हैं, जीवित रहते हैं और फलते-फूलते हैं। 2) सभी सजीवों के अस्तित्व के लिए स्वच्छ वायु व वातावरण परम आवश्यक है। 3) स्वच्छ पर्यावरण सभी जीवित प्रजातियों के विकास और पोषण में मदद करता है। 4) पर्यावरण हमारे जीवन की सभी मूलभूत चीजें प्राप्त करने में सहायता करता है।

Mehakdeep kaur
Mehakdeep kaur
10 days ago

पर्यावरण वह परिवेश है जहां हम रहते हैं, जीवित रहते हैं और फलते-फूलते हैं। 2) सभी सजीवों के अस्तित्व के लिए स्वच्छ वायु व वातावरण परम आवश्यक है। 3) स्वच्छ पर्यावरण सभी जीवित प्रजातियों के विकास और पोषण में मदद करता है। 4) पर्यावरण हमारे जीवन की सभी मूलभूत चीजें प्राप्त करने में सहायता करता है।

Surbhi tyagi
10 days ago

The environment is all that envelopes the earth the things around us.what we see,feel,breathe,eat constitutes the environment. the trees, the air, the food the rivers, the roads ,the greenery, the deserts, the deforested patches of ground, all of them come within what we call environment

Surbhi tyagi
10 days ago
Reply to  Surbhi tyagi

Good

Mohd Taj
10 days ago

Tree are our trust friends

Miss Aanya Ranjan
5 days ago
Reply to  Mohd Taj

Nature is so beautiful, so let’s preserve our nature for the future life

Mohd Taj
10 days ago

Water

Saloni
Saloni
10 days ago

Nice

Prakhar nahar
4 days ago
Reply to  Saloni

Jivan ke liye Achcha kam karna hai sehat ke liye acchi Jindagi Jija hai

prakharnahar434@gmail.com

Saloni
Saloni
10 days ago

Class 9 science

Riya kathayat
Riya kathayat
10 days ago

Good

Ananya Choudhary
9 days ago

Gindgi ma hama acha kaam karna chahiye or apna paryavaran ko acha rakhna chahiye

Ananya Choudhary
9 days ago

apna paryavaran ko acha rakhna chahiye

Vanshika gupta
9 days ago

Paryavaran

Gulfsha khatun
9 days ago

Paryavaran

Diksha mahadev Ovhal
Diksha mahadev Ovhal
9 days ago

January 13,2022 at 5:12pm

National Paryavaran Day

Palavi
Palavi
9 days ago

The International Plastic Bag Free Day is observed on July 3 annually. The day is observed to raise awareness about the grave issues of plastic pollution and the serious threat that it poses to the natural environment ranging from land to marine life. As plastic bags take around 100-500 years to decomposes, it creates land pollution as it is dumped in landfills and proves hazardous to the marine animal if gets washed into oceans. So, it becomes imperative to raise an alarm against the ill effects of single-use plastic bags.

Palavi
Palavi
9 days ago

The campaign started by Zero Waste Europe’s Bag Free World became a global initiative to aware people around the world. The day, July 3 has been designated as the International Plastic Bag Free Day to promote the use of eco-friendly items such as paper bags or cloth bags instead of plastic bags and get rid of the single-use plastic bags.

Ishika Kumari
Ishika Kumari
8 days ago

प्रकृति एक प्राकृतिक पर्यावरण है जो हमारे आसपास में हमारा ध्यान देती है और हर पल हमारा पालन-पोषण करती है यह हमारे चारों तरफ का सुरक्षात्मक कवच प्रदान करती है जो हमें नुकसान से बचाती है प्रकृति हमारे आसपास कई रूपों में है जैसे पेड़ जंगल जमीन हवा नदी बारिश तलाब मौसम वातावरण पहाड़ पठार रेगिस्तान आदि

Shreesha johri
Shreesha johri
8 days ago

Nice

OMKAR DEBADATTA JENA

I don’t know

OMKAR DEBADATTA JENA

Apana paryavaran ko saf rakhana chahiye.paryavarana saf rahega to ham achhe rahenge

OMKAR DEBADATTA JENA

Paryavaran saf rakhana chahiye

Hardik
Hardik
8 days ago

Hame hmesha apna paryavaran swach rkhna chaiye

Hardik
Hardik
8 days ago

Mast

Hardik
Hardik
8 days ago
Reply to  Hardik

Nice

hardik
hardik
8 days ago

Jai bharat

Hardik
Hardik
8 days ago

jai hind

Hardik
Hardik
8 days ago

jai kisan

Hardik
Hardik
8 days ago

jai mata

Hardik
Hardik
8 days ago
Reply to  Hardik

jai mata di

Hardik
Hardik
8 days ago

dddggcxs

Amayra Sood
Amayra Sood
8 days ago

Paryavaran ke bina manav jiwan ka koi astitav nhi hai….

Saloni
Saloni
8 days ago

Hi
Hxbhnjkkzkdjh
Jdkdkjjxjjjfcbhfbbcn fjcnjxmkamsndbjdjsmksjbxnnjcjj
Kdkknnhkkajsbddjksa
Jsjjxjjcjcjjjhxhdhdi

saloni kumari
7 days ago

Tree are our trust friends

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