कुंभ मेला 2021 के लिए लगभग 350 लोगो ने 500 कपड़े के थैले का योगदान दिया

भारतीय संस्कृति व सनातन धर्म में कुंभ मेले का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। यह महापर्व 12 वर्षो में एक बार ही आता है। ऐसी मान्यता है कि कुंभ में भाग लेने से व्यक्ति जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाता है व मोक्ष प्राप्त करता है। वर्ष 2021 में आयोजित हुए कुंभ को लोगो ने पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से प्लास्टिक प्रदूषण मुक्त बनाने की ठानकर उसके वैभव को और बढ़ा दिया।

मध्य बंगाल प्रान्त के लगभग 350 से अधिक पर्याणरण प्रहरियों ने प्लास्टिक प्रदूषण मुक्त कुम्भ के लिए 500 कपड़े के थैले दान किए।इन थैलो को एकत्रित करने का कार्य पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया।इससे न केवल लोगों ने कपड़े के थैलों को दान करके वहां स्वयं की उपस्थिति की अनुभूति की,अपितु उनके इस सहयोग ने अन्य लोगो को भी योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

कुंभ के दौरान देवभूमि को स्वच्छ और पवित्र बनाए रखने में इन कपड़े की थैलियों ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वच्छता ईश्वरीय कार्य है, कपड़े की थैली दान करने के लोगो के इस सहयोग ने इस भव्य आयोजन में उनकी सहभागिता का प्रतिनिधित्व किया।

इस मुहिम से घर बैठे कुंभ के महायज्ञ में सभी श्रद्धालुओं की आहुति डाली गई। वहीं, उन्हें पावन पवित्र तीर्थ स्थल की धरती को स्वच्छ रखने का लाभ भी मिला। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्ति का व्यापक संदेश भी कुंभ जैसे धार्मिक आयोजन के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाया गया।

3 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x